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हीटवेव प्रबंधन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिकित्सा विभाग की पहल— हर जिले का नोडल अधिकारी बनाकर निरीक्षण के लिए भेजा, अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर लिया स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा, निरीक्षण में पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश

Published May 6, 2026, 5:58 PM· Medical & Health Departmentsource ↗
Idea 1
Factual / Policy
pending
Summary

प्रदेश में हीटवेव और अन्य मौसमी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया है। निरीक्षण में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही दवा, बेड, कूलिंग, फायर सेफ्टी और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है।

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प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे हैं। इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS, IV Fluids, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी, डेंगू और मलेरिया से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग तथा फीडबैक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे हैं। इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS, IV Fluids, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी, डेंगू और मलेरिया से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग तथा फीडबैक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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हीटवेव के लिए निरीक्षण जिलों में नोडल अधिकारी भेजे गए हीटवेव और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए चिकित्सा संस्थानों की समीक्षा की गई। कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। • हीट-स्ट्रोक, दवा, बेड, कूलिंग और पेयजल व्यवस्थाओं की जांच • फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा-जांच, आईसीयू और मौसमी रोगों की समीक्षा -प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़

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Idea 2
Citizen Impact
pending
Summary

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव प्रबंधन और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में हीट-स्ट्रोक बेड, दवाइयों, कूलिंग व्यवस्था, फायर सेफ्टी, दवा-निःशुल्क जांच, ICU, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम से जुड़ी तैयारियों की जांच की गई तथा कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।

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प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन की सुविधा और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS व IV Fluids जैसी आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के लिए विशेष सावधानियों सहित स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, ICU, स्वच्छता, डेंगू-मलेरिया रोकथाम, ब्लड बैंक तैयारियों और एंटी-लार्वा गतिविधियों का भी भौतिक सत्यापन किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि हर रोगी को समय पर सही उपचार मिले, यही प्राथमिकता है। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर कर जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

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प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन की सुविधा और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS व IV Fluids जैसी आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के लिए विशेष सावधानियों सहित स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, ICU, स्वच्छता, डेंगू-मलेरिया रोकथाम, ब्लड बैंक तैयारियों और एंटी-लार्वा गतिविधियों का भी भौतिक सत्यापन किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि हर रोगी को समय पर सही उपचार मिले, यही प्राथमिकता है। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर कर जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

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हीटवेव में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत जिलों में नोडल अधिकारी भेजकर हुई तैयारी की समीक्षा प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में तैयारियों की जांच की गई। हीटवेव प्रबंधन, दवा, बेड और कूलिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। • हीट-स्ट्रोक, ORS, IV Fluids, शीतल पेयजल और छाया की व्यवस्थाएं देखी गईं • फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा-जांच, ICU, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम की भी समीक्षा हुई -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

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Idea 3
Leader Quote
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Summary

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में हीटवेव प्रबंधन, दवा-उपकरण उपलब्धता, फायर सेफ्टी, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।

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“प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुगमता से हो और हर रोगी को समय पर सही उपचार मिल सके”—इसी लक्ष्य के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए राज्य स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे। इन अधिकारियों ने अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए आरक्षित बेड, ORS व IV Fluids जैसी दवाओं की उपलब्धता, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानियों की समीक्षा की। साथ ही फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी मुक्त भारत अभियान, डेंगू-मलेरिया सर्विलांस, आइसोलेशन वार्ड, ब्लड बैंक तैयारियों और एंटी-लार्वा गतिविधियों का भी आकलन किया गया। निरीक्षण में चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

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“प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुगमता से हो और हर रोगी को समय पर सही उपचार मिल सके”—इसी लक्ष्य के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए राज्य स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे। इन अधिकारियों ने अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए आरक्षित बेड, ORS व IV Fluids जैसी दवाओं की उपलब्धता, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानियों की समीक्षा की। साथ ही फायर सेफ्टी, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी मुक्त भारत अभियान, डेंगू-मलेरिया सर्विलांस, आइसोलेशन वार्ड, ब्लड बैंक तैयारियों और एंटी-लार्वा गतिविधियों का भी आकलन किया गया। निरीक्षण में चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

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हीटवेव पर सख्त निरीक्षण जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा राज्य स्तर से नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्था जांची गई। कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए। • हीट-स्ट्रोक, दवाइयों, कूलिंग और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा • फायर सेफ्टी, स्वच्छता और मौसमी बीमारियों की तैयारी भी जांची गई -मुख्यमंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर

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