प्रदेश में हीटवेव और अन्य मौसमी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में नोडल अधिकारी भेजकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कराया है। निरीक्षण में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही दवा, बेड, कूलिंग, फायर सेफ्टी और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे हैं। इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS, IV Fluids, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी, डेंगू और मलेरिया से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग तथा फीडबैक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर निरीक्षण के लिए भेजे हैं। इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीटवेव प्रबंधन, हीट-स्ट्रोक के लिए अलग बेड, ORS, IV Fluids, कूलिंग उपकरण, शीतल पेयजल, छाया, प्रशिक्षित स्टाफ और संवेदनशील वर्गों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना, आईसीयू, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी, डेंगू और मलेरिया से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और जिला स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग तथा फीडबैक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
हीटवेव के लिए निरीक्षण जिलों में नोडल अधिकारी भेजे गए हीटवेव और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए चिकित्सा संस्थानों की समीक्षा की गई। कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। • हीट-स्ट्रोक, दवा, बेड, कूलिंग और पेयजल व्यवस्थाओं की जांच • फायर सेफ्टी, नि:शुल्क दवा-जांच, आईसीयू और मौसमी रोगों की समीक्षा -प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़