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खरीफ— 2026 उर्वरकों के संतुलित उपयोग व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आईसीएआर संस्थानों व केवीके वैज्ञानिकों के साथ बैठक प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता:–प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी

Published Mar 29, 2026, 6:04 PM· Agriculture Departmentsource ↗
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प्रदेश में खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बताते हुए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने संतुलित उपयोग, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। राज्य स्तरीय बैठक में किसानों को जागरूक करने के लिए अप्रैल से अभियान, प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।

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खरीफ-2026 के लिए उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने पंत कृषि भवन में राज्य स्तरीय बैठक ली। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ के लिए राज्य को निर्धारित मात्रा में उर्वरक आपूर्ति की जाएगी। बैठक में किसानों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश के संतुलित उपयोग के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी देने, हरी खाद, कंपोस्ट, देसी खाद, जैविक उर्वरक, फसल चक्र और फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाने पर बल दिया गया। अप्रैल से ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और कृषि की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

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खरीफ-2026 के दौरान उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग को प्रोत्साहित करने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने पंत कृषि भवन में राज्य स्तरीय बैठक ली। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। बैठक में किसानों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश के संतुलित उपयोग, सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी, हरी खाद, कंपोस्ट, देसी खाद, जैविक उर्वरक, फसल चक्र, दलहनी फसलों और फसल अवशेष प्रबंधन के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर बल दिया गया। अप्रैल माह से ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि किसानों को उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया जा सके और कृषि को टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

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खरीफ-2026: उर्वरकों का संतुलित उपयोग, जैविक खेती को बढ़ावा प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की राज्य स्तरीय बैठक में संतुलित, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पर जोर। • किसानों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी जाएगी • अप्रैल से ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आयोजित होंगी -प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी

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