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प्रदेश बनेगा विश्वस्तरीय स्किल हब , कौशल विकास को उद्योगों से जोड़ने पर जोर , युवाओं के लिए नए अवसर होंगे तैयार : मुख्य सचिव

Published Mar 27, 2026, 7:50 PM· Chief Secretary Officesource ↗
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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर देते हुए प्रदेश में युवाओं के लिए अधिक रोजगारोन्मुख अवसर तैयार करने की बात कही। बैठक में विश्व स्तरीय स्किल हब, अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग सेंटर, फ्यूचर स्किल्स सेंटर्स और कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की गई।

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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान खनन, टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, इसलिए युवाओं के कौशल संवर्धन को उद्योगों की आवश्यकता से जोड़ना समय की मांग है। शासन सचिवालय में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग तथा एनएसडीसी के अधिकारियों की बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए और आईटीआई संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योग-सम्बद्धता बढ़ाई जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा ने बताया कि बजट घोषणा 2026-27 के तहत ₹450 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय स्किल हब स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही जयपुर एवं भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग एवं ओवरसीज प्लेसमेंट सेंटर, ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य केंद्र, NSDC अकादमी के सहयोग से फ्यूचर स्किल्स सेंटर्स, पर्यटन/हॉस्पिटैलिटी में 7 हजार टूरिस्ट गाइड्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में 25 हजार ‘सोलर दीदी’ के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार परिणाम-आधारित स्किलिंग के लिए स्किल इम्पैक्ट बॉंड की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान खनन, टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, इसलिए युवाओं के कौशल संवर्धन को उद्योगों की आवश्यकता से जोड़ना समय की मांग है। शासन सचिवालय में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग तथा एनएसडीसी के अधिकारियों की बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए और आईटीआई संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योग-सम्बद्धता बढ़ाई जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा ने बताया कि बजट घोषणा 2026-27 के तहत ₹450 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय स्किल हब स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही जयपुर एवं भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग एवं ओवरसीज प्लेसमेंट सेंटर, ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य केंद्र, NSDC अकादमी के सहयोग से फ्यूचर स्किल्स सेंटर्स, पर्यटन/हॉस्पिटैलिटी में 7 हजार टूरिस्ट गाइड्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में 25 हजार ‘सोलर दीदी’ के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार परिणाम-आधारित स्किलिंग के लिए स्किल इम्पैक्ट बॉंड की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

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प्रदेश बनेगा विश्वस्तरीय स्किल हब कौशल विकास को उद्योगों से जोड़ने पर जोर युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर फोकस राज्य में नई स्किलिंग पहलों की रूपरेखा तैयार • ₹450 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय स्किल हब की स्थापना प्रस्तावित • जयपुर-भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग एवं ओवरसीज प्लेसमेंट सेंटर प्रस्तावित -मुख्यमंत्री श्री का संदेश

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