पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर द्वारा विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के तहत गोद लिये गाँव खतेपुरा में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पी.जी.आई.वी.ई.आर.), जयपुर द्वारा विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के तहत गोद लिये गाँव खतेपुरा में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। संस्थान के विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व समिति के सदस्य एवं सहायक आचार्य डाॅ. सुनील राजोरिया ने ग्रामीणों को शराब, धूम्रपान, ड्रग्स आदि की निर्भरता से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए हानिकारक है तथा इससे अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याएँ हो सकती हैं। अभियान में नशे की दुष्प्रवृत्ति के कारणों, दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पी.जी.आई.वी.ई.आर.), जयपुर द्वारा विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के तहत गोद लिये गाँव खतेपुरा में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। संस्थान के विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व समिति के सदस्य एवं सहायक आचार्य डाॅ. सुनील राजोरिया ने ग्रामीणों को शराब, धूम्रपान, ड्रग्स आदि की निर्भरता से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए हानिकारक है तथा इससे अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याएँ हो सकती हैं। अभियान में नशे की दुष्प्रवृत्ति के कारणों, दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
खतेपुरा में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर की पहल विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के तहत ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। • शराब, धूम्रपान, ड्रग्स आदि की निर्भरता से दूर रहने की सलाह दी गई • नशे से होने वाली मानसिक व सामाजिक हानि पर विस्तार से जागरूक किया गया -सहायक आचार्य डाॅ. सुनील राजोरिया