राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रेरणा स्थल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अनुसंधान केंद्र एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़कर देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के आलोक में विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने प्रेरणा स्थल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अनुसंधान केंद्र एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही गरीबी और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है; इसलिए वे अपनी शिक्षा का उपयोग आमजन और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में करें। उन्होंने गुरुकुल पद्धति, शारीरिक-बौद्धिक विकास और सहनशीलता के महत्व पर भी बल दिया।
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़कर देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के आलोक में विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर प्रेरणा स्थल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अनुसंधान केंद्र एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही गरीबी और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है और वे अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र एवं समाज के हित में करें।
प्राचीन ज्ञान परम्परा से जुड़कर देश का गौरव बढ़ाएं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में छठवां दीक्षांत समारोह राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों से शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। प्रेरणा स्थल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अनुसंधान केंद्र एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। • नई शिक्षा नीति के आलोक में विश्वविद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने का संदेश • दीक्षांत समारोह को जीवन की नई शुरुआत बताते हुए शिक्षा का उपयोग आमजन और राष्ट्र के हित में करने का आह्वान -राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे