राजस्थान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आईएचएमएस सॉफ्टवेयर के सफल क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेज हुआ है। राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों, स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों की ABHA/ई-हेल्थ रिकॉर्ड आधारित पंजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और इंटिग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 19 हजार से अधिक सरकारी और 24 हजार से अधिक निजी चिकित्सा संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा चुका है। 85 हजार से अधिक सरकारी क्षेत्र के तथा 16 हजार से अधिक निजी स्वास्थ्य कार्मिकों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकरण हुआ है। 5 हजार से अधिक राजकीय चिकित्सा संस्थानों में आईएचएमएस सॉफ्टवेयर संचालित है, जिससे रजिस्ट्रेशन, दवा स्टॉक, भर्ती-डिस्चार्ज और लैब रिपोर्ट जैसी सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही हैं। राज्य में अब तक 6 करोड़ 82 लाख से अधिक ABHA आईडी और 5 करोड़ 43 लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। एबीडीएम कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर के उपयोग की समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई है, जिससे हितधारकों को सुचारू क्रियान्वयन में सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और इंटिग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के सफल क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुगम, पारदर्शी और सुलभ बन रही हैं। प्रदेश के 19 हजार से अधिक सरकारी और 24 हजार से अधिक निजी चिकित्सा संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा चुका है। 85 हजार से अधिक सरकारी तथा 16 हजार से अधिक निजी स्वास्थ्य कार्मिकों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकरण हुआ है। 5 हजार से अधिक राजकीय चिकित्सा संस्थानों में आईएचएमएस सॉफ्टवेयर से रजिस्ट्रेशन, दवा स्टॉक, भर्ती-डिस्चार्ज और लैब रिपोर्ट की सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं। राज्य में अब तक 6 करोड़ 82 लाख से अधिक ABHA आईडी और 5 करोड़ 43 लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाए जा चुके हैं। एबीडीएम कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर के उपयोग की समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई है।
डिजिटल नवाचारों से उपचार हुआ सुगम एबीडीएम और आईएचएमएस से स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ी, पारदर्शिता और सुविधा राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। • 19 हजार से अधिक सरकारी और 24 हजार से अधिक निजी चिकित्सा संस्थानों का पंजीकरण हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में किया गया • 5 हजार से अधिक राजकीय चिकित्सा संस्थानों में आईएचएमएस सॉफ्टवेयर से रजिस्ट्रेशन, लैब रिपोर्ट और दवा प्रबंधन आसान हुआ -मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा